सफर हमारे विद्यालय का
सफर हमारे विद्यालय का प्रत्येक वस्तु/प्राणी अपने प्रारंभिक आकार से अंतिम आकार में ढलने तक का सफर तय करती/करता है। फिर चाहे वह सजीव हो या...
सफर हमारे विद्यालय का प्रत्येक वस्तु/प्राणी अपने प्रारंभिक आकार से अंतिम आकार में ढलने तक का सफर तय करती/करता है। फिर चाहे वह सजीव हो या...
अविस्मरणीय पल कहते हैं की, बचपन सबसे सुहाना और यादगार होता है, लेकिन मेरा मानना कुछ और ही है। मेरी नज़रों में सबसे अहम और अविस्मरणीय पल मेर...
विद्यालय एक ऐसा स्थान है, जहाँ जाकर मानव शिक्षा प्राप्त करता है| सुशिक्षित मानव आत्मनिर्भरता के साथ-साथ सम्मान भी प्राप्त करता है और समाज ...
पाठशाला मानव जन्म लेता है और जन्म लेते ही सीखने का सिलसिला शुरू हो जाता है। रोना, हंसना, बोलना, चलना, खाना इत्यादि कई सारी चीजें बचपन में सि...
विदाई" विदाई शब्द सुनते ही आँखें नम सी हो जाती हैं। फिर चाहे विदाई किसी की भी हो बेटी की या विद्यालय में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की य...
मेरे प्रिय अध्यापक जितना आसान होता है किसी से ये पूछना की, तुम्हारे प्रिय अध्यापक कौन हैं? उतना ही मुश्किल होता है हम विद्यार्थियों के लिए...
परिवर्तन ही प्रकृति है। वक़्त कब बीत जाता है पता ही नहीं चलता। बचपन से युवावस्था का सफर इतना अल्पकालीन होता है कि, आभास ही नहीं होता कब हमा...